39 अरु मरियम नामक ओकी एक भैइन थी. वा प्रभु, पाय का पास बठीखे ओको वचन सुनती थी. 40 पन मार्था सेवा करते घबरय गय अरु ओका पास अयखे बोलन लगी. "हे प्रभु, तोखे कुछ भी चिन्ता नी हय कि मरी भैइन ने मेखे सेवा करण, लिये एकली या छोडी दियो हइ? येका लिये ओकासे बोल्यो. मरी मद्दत कर."
Publicidade