1 तब इसहाक ने याकुब खे बुलैइ खे आशिर्वाद दियो, अरु आज्ञा दी, "तू कोय कनानी पोर्यइ खे नी भ्यैइ लेनु. 2 पद्दनराम क्षेत्र मे अपनो बाबो बतूएल का घर जैय खे व्हा अपना मामा लाबान की एक बेटी से भ्याव करी लेनु. 3 सर्वशक्तिमान परमेश्वर तो खे आशिर्वाद दिये, अरु फलवन्त करी खे बडाये, अरु तू राज्य-राज्य की मण्डली को मूल हुये. 4 उ तो खे अरु तरा कुल खे भी अब्राहम को जसो आशिर्वाद दे, कि तू यो देश जेमे तू परदेशी हुय खे र्हेस हइ, अरु जे खे परमेश्वर ने अब्राहम खे दियो थो, ओको अधिकारी हुय जाये." 5 तब इसहाक ने याकुब खे बिदा कर्यो, अरु उ पद्दनराम खे अरामी बतूएल को बेटो लाबान का पास चल्यो, जो याकुब अरु एसाव की माय रिबका को भइ थो.
6 जब एसाव खे पतो चल्यो कि इसहाक ने याकुब खे आशिर्वाद दि खे पद्दनराम क्षेत्र भेजी दियो, कि उ वहीं से लुगय लाये, अरु ओ खे आशिर्वाद देना का टेम्मे या आज्ञा भी दी, "तू कोय कनानी पोर्यइ खे भ्यैइ नी लेनु." 7 अरु याकुब माय-बाप की मानी खे पद्दनराम क्षेत्र खे चली दियो. 8 तब एसाव यो सब देखी खे अरु भी सोची खे कि कनानी पोर्यइहोन मरो बाप इसहाक खे बुरी लगस हइ, 9 अब्राहम को बेटो इश्माएल का पास गयो, अरु इश्माएल की बेटी महलत खे, जो नबायोत की भैइन थी, भ्यैइ खे अपनी लुगयहोन मे मिलैइ लियो.
10 याकुब बेर्शेबा से निकली खे हारान नगर का तरफ चल्यो. 11 अरु ओने कोय जगा मे पहुँची खे रात वहीं बितान को बिचार कर्यो, क्युकि सूरज डुबीगयो थो; येकालिये ओने उ जगा का पत्थरहोन मे से एक पत्थर ले अपनो सिरानो बनैय खे रख, अरु उ जगा मे सोइ गयो. 12 तब ओने सपना मे का देख्यो, कि एक सीडी पृथ्वी पर खड़ी हइ, अरु ओको शिखर स्वर्ग तक पहुच्यो हइ; अरु परमेश्वर का दूत ओका पर से चडस-उतरस हइ. 13 अरु यहोवा ओका उपर खडो हुय खे बोलस हइ, "मी यहोवा, तरो बाबो अब्राहम को परमेश्वर, अरु इसहाक को भी परमेश्वर आय; जो जमीन पर तू लेट्यो हइ, ओ खे मी तो खे अरु तरा कुल खे दियु. 14 अरु तरो कुल जमीन की धूल का कन का जसो भोत हुये, अरु पश्चिम, पूरब, उत्तर, दक्षिण, चारी तरफ फैलतो जाये : अरु तरा अरु तरा कुल का वजेसे पृथ्वी का पुरा कुल आशिर्वाद सक्हे. 15 अरु सुन, मी तरा संग र्हियु, अरु जहाँ बोल्यो तू जाये व्हा तरी रक्षा कर्यु, अरु तो खे यो देश मे लौटैइ ली आयु : मी अपना बोल्या हुया खे जब तक पूरो नी करी लिउ तब तक पुरो नी करी लियु तब तक तो खे नी छोड्यु." 16 तब याकुब जाग उठ्यो, अरु बोलन लग्यो, "सच्ची या जगा पर यहोवा हइ; अरु मी या बात खे नी जानतो थो." 17 अरु डरी खे ओने बोल्यो, "या जगा का डरानी हइ! यो तो परमेश्वर को भवन खे छोड़ अरु कुछ नी हुय सक्ये; वरन् यो स्वर्ग को फाटक ही हुये." 18 फजर खे याकुब उठ्यो, अरु अपना सिराना को पत्थर लि खे ओको खम्बो खडो कर्यो, अरु ओका माथा पर तेल डाल दियो. 19 अरु ओने उ जगा को नाम बेतेल रख्यो; पर उ नगर को नाम पैयले लूज थो. 20 याकुब ने या मन्नत मानी, "अगर परमेश्वर मरा संग र्हि खे या यात्रा मे मरी रक्षा कर्ये, अरु मे खे खान का लिये रोटी, अरु पहनन का लिये कपडा दे, 21 अरु मी अपना बाप का घर मे कुशल सलामत से पल्टी आयु; ते यहोवा मरो परमेश्वर ठैइर्ये. 22 अरु यो पत्थर, जेको मेने खम्बो खडो कर्यो हइ, परमेश्वर को भवन ठैइर्ये: अरु जो कुछ तू मे खे दे ओको दसवोभाग मी जरुर ही दिया कर्यु."