36 "अरु मी तुम से बोलुस हइ, कि जो-जो इन्सान नीकम्मी बात बोलस, न्याय का दिन हर एक बात की लेखी दिये.
Publicidade
36 "अरु मी तुम से बोलुस हइ, कि जो-जो इन्सान नीकम्मी बात बोलस, न्याय का दिन हर एक बात की लेखी दिये.
+581 estão orando agora.
Junte-se à corrente de oração.