14 अरु उनका बारे मे यशायाह कि या भविष्यवाणी पुरी होस हइ
तुम कानहोन से ते नी सुने, पर समझे नी
अरु आख से ते नी देखन को, पर तुमखे नी सुझे.
15 क्युकी ये दुन्याहोन को मन मे कठोर हुय गयो हइ,
अरु वे कान से उचो सुनस हइ
अरु ओने अपनी आख बन्द करी लीस हइ.
कही असो नी हुये कि
वे आख से देखस,
अरु कान से सुनस
अरु मन से समझस अरु फिरी जाये,
अरु मी उनखे अच्छो कऱ्यु.