1 हे इस्राएलीहोन, यो वचन सुनो जो यहोवा ने तुमारा बारे मे पन वे सब कुल का बारे मे बोल्यो हइ जेखे मेने मिस्र देस से लायो हइ: 2 "जमिन का पुरा कुलहोन मे से मे ने फक्त तुमारा पर मन लगायो हइ, यो कारण मी तुमारा सब अपराधहोन का कामहोन को दन्ड दियु.
3 "यदि दो इन्सान परस्पर सहमती नी हइ; ते का वे एक सात चल सखे? 4 का सेर बिना शिकार पाये जंगल मे गरजे? का जुवान सेर बिना कुछ पकडये अपनी गुफा मे से गुर्राये? 5 का चिडी बिना जाल लगाये फसे? का बिना कुछ फसे जाल जमीन पर उछले? 6 का कोई नगर मे नरसिंगो फुकना पर दुनीया नी कापन का? का यहोवा का बिना भेज्या कोई नगर मे कोई संकट पडे? 7 यो प्रकार से प्रभु यहोवा अपना दास भविष्यद्वक्ताहोन पर अपन भेद बिना प्रगट करे कुछ भी नी करे. 8 सेर गरज्यो; कोन नी डरे? परमेश्वर यहोवा बोल्यो; कौन हइ जो भविष्यद्वाणी नी करे?"
9 अशदोद को किल्लो अरू मिस्र देस का किल्ला पर प्रचार करी खे बोल : "सामरिया कि टेकडी पर जमा हुइखे देख कि ओमे का ही बडो कोलाहल अरू ओका बीच का ही अत्याचार हुये रो हइ!" 10 यहोवा कि या वाणी हइ, "जो दुनीया अपना किल्लाहोन मे उपद्रव अरू लुटपाट को धन जमा रखस हइ, वे सीधा से काम करनो जाने ही नी." 11 यो कारण परमेश्वर यहोवा यो बोलस हइ: "देस के घेरनआलो दुसमन हुये, अरू उ तरी ताकत तोडये, अरू तरो किल्लो लुटी जाये."
12 यहोवा यो बोलस हइ: "जो भाति ठाठ्यो सेर का मुडा से दो टांगहोन या कान का एक टुकडो छुडास हइ, वोसो ही इस्राएली दुनीया, जो सामरिया मे बिछानाहोन को एक कोना या रेशमी गद्दी को एक तुगडो, वे भी छुडायो जाये."
13 सेनाहोन को परमेश्वर, प्रभु यहोवा कि या वाणी हइ, "देख, अरू याकूब का घराना का खिलाप गवय दे : 14 जो टेम मी इस्राएल खे ओका अपराधहोन को दन्ड दियु, उही टेम मी बेतेल कि वेदीहोन खे भी दन्ड दियु, अरू वेदी का सिंग टुटीखे जमीन पर गिरी जाये. 15 मी ठंडी का घर खे अरू धुपकाल का घर, दोय खे गिरायु; अरू हात्तीदात को बनायो घर भी खतम हुये, अरू बात घर खतम हुये जाये," यहोवा कि या वाणी हइ.