1 परमेश्वर यहोवा ने मेखे यो बतायो कि धुपकाला का फलहोन से भरी हुइ एक टोपली हइ. 2 ओने बोल्यो, "हे आमोस, तोखे का देख पड़स हइ?" मेने बोल्यो, "धुपकाला का फलहोन से भरी हुइ एक टोपली." तब यहोवा ने मरा से बोल्यो, "मरी जनंता इस्राएल को नास अय गा हइ; मी अब ओखे अरू नी छोड्यु." 3 परमेश्वर यहोवा की वाणी हइ, "उ दिन मन्दिर का गाना हाहाकार मे बदली जाये, अरू लासहोन को बडो ढेर लगे; अरू सब जगाहोन मे वे चुपचाप फेकी दिये जाये."
4 यो सुन, तूम जो गरीबहोन खे खुन्दनो अरू देस का दु:खी दुनीयाहोन खे खतम करनो चास हइ, 5 जो बोलस हइ, "नवो चांद कब बीते कि हम अनाज बेची सखे? आराम दिन कब बीते, जेका से हम गहु बेचन के लय सके हम तराजु अरु गोटा के असो बनय दिये कि दुनिया के बुद्दु बनय दिये, 6 कि हम कंगालहोन खे रुप्या दिखे, अरू गरीबहोन खे एक जोडी जूताहोन कि किंमत मे मोल लिये, अरू खराब अनाज बेचे?"
7 यहोवा, जेका पर याकूब खे घमण्ड, यही अपनी कसम खायखे बोलस हइ, "मी तुम्हारा कोय काम खे कभी नी भुल्यु. 8 का यो कारण जमीन नी कापे? का उनका पर का सब रेनआलो दु:ख नी करे? यो देस सब का सब मिस्र कि नील नद्दी का जसी हुये, जो उभलस हइ, अरू कम हुइ जास हइ."
9 परमेश्वर यहोवा कि या वाणी हइ, "यो टेम मी सुरज खे दुपार का टेम डुबय दियु, अरू यो देस खे दिनदहाडे अन्धारो करी दियु. 10 मी तुम्हारा तिवारहोन का उत्सव खे दूर करीखे दु:ख करायु, अरू तुमारा सब गाना खे दूर करीखे दु:ख का गाना गायु; मी तुम सब के दु:ख का कपडा पेनायु, अरू तूम सब का माथाहोन खे मुड्यु, अरू असो दु:ख करायु जसो एकलौता का लिये होस हइ, अरू ओको खातमो कठिन दु:ख का दिन का जसो हुये."
11 परमेश्वर यहोवा कि या वाणी हइ, "देख, असा दिन अय रा हइ, जब मी यो देस मे अकाल भेज्यु; दुनिया भुका हुइ पन अनाज का लिये नी, प्यासा हुये पन पानी का लिये नी पन यहोवा का वचनहोन खे भुख प्यास हुये 12 दुनीया यहोवा का वचन खे डुंडना मे संमुद्र से संमुद्र तक अरु उत्तर से पुरब तक माऱ्या माऱ्या फिरे, पन ओखे मिल्यो नी.
13 "वा टेम खुबसुरत पोरयहोन अरू जुवान अदमीहोन दोय प्यास का मारे बेहोस हुइ जाये. 14 जो दुनीया सामरिया, दान अरु बेर्शेबा का देवता कि कसम खास हुये, वे सब गिरी पडे, अरू फिर नी उठे."