1 हे इस्राएल को घरानो, यो दु:ख का गाना का बोल सुन जो मी तुम्हारा बारे मे बोलुस हइ: 2 "इस्राएल राष्ट जो कुवारी पोरइ हइ जो गिरी गइ, अरू फिर उठी नी सकी; वा अपनी ही जमीन पर पटकी दी गय हइ अरू ओखे उठानआलो कोई नी."
3 क्योंकि परमेश्वर यहोवा यो बोल हइ: "जो इस्राएल नगर से हजार निकल्या था, ओमे सौ ही बच्या ऱ्हीये, अरू जो से सौ निकलता था, ओमे दस बचये ऱ्हीहे."
4 यहोवा, इस्राएल का घराना से यो बोलस हइ: मेखे ढुडना मे लग, तब जिन्दा ऱ्हीये. 5 बेतेल खे डुंडना मे नी लगनु, नी गिलगाल मे प्रवेश करनु, अरू न बेर्शेबा खे जा : क्युकी गिलगाल निश्चय गुलामी मे जाये, अरु बेतेल सुन्यो पडे.
6 यहोवा खे डुंडनो कर, तब जिन्दो ऱ्हीये, नी ते उ यूसुफ का घरानो पर अंगार का जसो भडकखे, अरू वा ओखे भस्म करे, अरू बेतेल मे कोय ओखे बुझानआलो नी हुये. 7 हे न्याय के कडु बनानआला अरु न्यायीपन खे मंट्टी मे मिलानआलो!
8 जो कचपचिया अरु मृगशिरा नक्षत्र खे बनानआलो हइ, जो घोर अंधारा खे फजर खे उजालो बनास हइ, जो दिन को अंधारो करिखे रात बनय देस, अरू संमुदर को पानी जमिन का उपर बोहय देस, ओको नाम यहोवा हइ. 9 उ तुरुत हि ताकतवर को खतमो करि देस, अरू किल्ला को भी सत्यानास करस हइ.
10 जो कोरट मे सच्चो न्याय करस हइ ओका से वे बैर रखस हइ, अरू सच्ची बात बोलनवालो से गुस्सा करस हइ. 11 तूम जो कंगालहोन खे खुदस हइ, उनका अनाज पर कर लादस हइ, येकालिये जो घर तूम ने गड्या हुया फत्तरहोन से बनाया हइ, उन मे ऱ्ही नी पाये; अरू जो मनभावनी दाख कि बारी होन तूम ने लगय हइ, उनको दाखमधु नी पी पाये. 12 क्योकि मी जानुस हइ कि तुमारो अपराध भारी हइ. तूम न्यायी खे सतास अरू घूस लेस, अरू कोरट मे गरीबहोन को न्याय बिगाडस हइ. 13 यो कारण जो दिमाकआलो हुये, उ असो टेम चुप ऱ्हियो, क्योंकि टेम बुरो हइ.
14 हे दुनीयाहोन, बुराइ खे नी, भलाइ खे ढुंड, ताकि तूम जिन्दो ऱ्हिहे; सेनाहोन को परमेश्वर यहोवा सचमुच तुमारा सात ऱ्हीये, जसा तुमने बोल्यो हइ. 15 बुराइ से दुसरा अरू भलाइ से प्रिति रख, अरू कोरट मे न्याय खे स्थिर कर; का जाने सेनाहोन को परमेश्वर यहोवा यूसुफ का बच्चा हुया पर अनुग्रह करे.
16 यो कारण सेनाहोन को परमेश्वर, प्रभु यहोवा यो बोलस हइ: "सब चौकोहोन मे रोनो-पिटनो हुये; अरू सब सडकहोन मे दुनीया हाय, हाय, करे! वे किसानहोन खे दु:ख का लिये, अरू जो दुनीया दु:ख करना मे निपुन हइ, उनखे रोना-पिटना खे फुकारे; 17 अरू सब दाख कि बारी होन मे रोनो-पिटनो हुये," क्योंकि यहोवा यो बोलस हइ, "मी तुमारा बीच मे से हुइखे जायु."
18 हाय तूम पर, जो यहोवा का दिन कि अभिलाषा करस हइ! यहोवा का दिन से तुमारो का लाभ हुये? उ तो उजारो को नी, अन्धारा को दिन हुये. 19 जसो कोय सेर से भागे अरू ओखे लिछडी मिले; या घर मे अयखे दिवाल पर हाथ रखे अरू साप ओखे चाबे. 20 का यो सच्ची नी हइ कि यहोवा को दिन उजार को नी, पन अन्धारा हि को हुये? हव, असो घोर अंधारा को जेमे कुछ भी चमक नी हुये.
21 "मी तुम्हारा तिवारहोन से बैर रखुस, अरू उनखे ठुकरास हइ, अरू तुमारी महासभाहोन से मी प्रसन्न नी. 22 चाहे तूम मरा लिये होमबलि अरू अन्न दान चेडा, तेभी मी प्रसन्न नी हुयु, अरू तुमारा ताजा मोटा जनवरहोन खे मेलबलिहोन का तरप नी देख्यु. 23 अपना गाना को सोर मरा से दूर कर; तुमारी सारंगीहोन को सुर मी नी सुनायु. 24 पन न्याय खे नद्दी का जसो, अरू हमेशा बोहान वाली नद्दी का जसो दे.
25 "हे इस्राएल को घरानो, तूम सुनसान जगा मे चालीस साल तक जनवरबलि अरू अन्न दान का मेखे ही चडातो ऱ्हीये? 26 तूम तो अपना राजा को मंडो, अरू अपनी मुर्तीहोन कि चौरंग, अरू अपना देवता का तारा लिये फिरता ऱ्हीये. 27 यो कारण मी तूम खे दमिश्क का वा पार गुलामी मे करी दियु, सेनाहोन का परमेश्वर यहोवा का योही वचन हइ.