Pular para o conteúdo
Publicidade

Mateus 18

करणववक ्‍्‍

21 तब पतरस ओकअय े, ो, "रभु, अगर मरकरते, तनओखकरु, तक?"

22 ओको, तर, तक वरन सततर तक. 23 "िवरजसहइ, अपनवक ो." 24 जब लगो, एक झनओकजसगयकरिकरजदो. 25 जब ओको, ओको, अरअरओकल-बचअरहइ सब अरकरजकय िे. 26 पर वक ओकपर िओखरणकऱो, अरो, रज धर सब भरु. 27 तब वक दयखय ओखिो, अरओककरजकऱो.

28 "पन जब वक कलो, ओकसब, वक ओखा, ओकिकरजदो. ओनओखपकडो, ओकगलदबअरो, तरपर करहइ भरे.’ 29 पर ओकवक ओकपर िे, अरओकथनकरण लगो. ि रज धर सब भरु. 30 ओनो, पन जय ओखबनिो. ि जब तक करभरितब तक े. 31 ओकवक उदा, अरअपनबतय िो. 32 तब ओकओखलय अरओको, वक, मरथनकरी, तरकरकऱो. 33 िजसतरपर दयकरी, असअपनवक पर दयकरणो?’ 34 अरओकअय ओखिो, ि जब तक सब करभरितब तक पर े."

35 रकअगर हर एक, "अपनमन करस मरवरहइ, कर्‍े."

Veja também