1 "हे इन्सान का बच्चा, तुम एक मठ्ठी की ईटा ले, ओखे अपना सामने रख अरु ओका बाद ओका पर यरुशलेम शहर को चित्र बना;" 2 तब ओकी घेराबंदी कर ओका विअरुध्द घेराबंदी की रचना कर, ओका पर एक ढलान बना, येका विअरुध्द शिविर खडा कर अरु येका चारी तरफ लढइ का समान लगा. 3 तब लोखड की एक पिलेट ले, अपना अरु शहर का बिच एक लोखड की दिवाल का अरुप मे रखनु अरु अपना मुडा ओका तरफ करनु, यो घेराबंदी मे हुये, अरु तुम येका पर घेरो डाल्ये, यो इस्राएल का कुल का लिये एक चिन्ह हुये. 4 तब तुम अपना डाकर्या करवट पर सोइ जा अरु इस्राएल का दुनियाहोन का पाप खे अपना उपर रख, तोखे अपना डाकर्या करवट पर सोइ खे काफी दीन तक उनको पाप को बोज सहनो हइ. 5 जिन्हे जेत्ता साल पाप मे लगाया हइ, मेने ओता ही दिन तुम्हारी या हालत का लिये ठहराया हइ, अर्थात तीन सौ नव्वद दिन तक तुम इस्राएल का दुनियाहोन का पाप खे सहेते रिये. 6 यो काम खे पुरो करि लेन का बाद, तुम फिर से या टेम अपनी जवना करवट पर सोइ के, अरु तुम यहुदा का दुनियाहोन को पाप को बोज सहे, मेने तुम्हारा लिये चालीस दिन यानिकि हर साल का लिये एक दिन ठहरायो हइ. 7 तब तुम अपनो मुडो यरुशलेम की घेराबंदी का तरफ करनु अरु खुल्ला हाथ का साथ ओका विरुध्द भविष्यवाणी करनु. 8 देख, मी तुम्हखे रस्सीहोन से बाधी दियु, जब तक की तुम अपना घेराबंदी का दिनहोन खे पुरा नी करी ले, ताकी तुम करवट नी बदली सक्ये, . 9 तुम गहु, जौ, सेम, दाल, बाजरो अरु कठिया गहु लिखे, अरु उनखे एक पिलेट मे मिलइ लेनु, अरु उनको उपयोग अपना लिये रोटी बनाना मे करनु, तुमखे येखे वे तीन सौ नव्वद दिनहोन मे खानु हइ, जब तुम अपनी करवट पर सोया रिये. 10 जो खानो तु खाये, ओके तोलीके खानु, यानिकि हर दिन दो सौ तीस ग्राम खाना हइ, अरु ओखे टेम टेम पर हि खानु. 11 पाणी भी तु मानीके पियो करनु, यानिकि हर दिन दो गिलास उ टेम टेम पर पिनु. 12 तुमखे सुख्यो इन्सान का मल से अंगार जलानु, अरु अंगार पर रोटी बनानु अरु ओखे वहा खानु जहा हर कोइ इन्सान तुमखे देखी सक्ये. 13 फिर यहोवा ने बोल्यो, तब वे ठिक असो ही इस्राएल राष्ट्र का बिच अपनी अपनी रोटी अशुध्द खाये, जहा मी उनके दुसरा देशहोन मे भग्य दियु. 14 तब मेने बोल्यो, " हे प्रभु यहोवा! असो नी हुये. मेने कभी अपना आप खे अशुध्द नी कर्यो हइ, अपना बचपन से लिखे अब तक, मेन कभी कोइ मर्यो हुयो या जगली जनवरहोन का वजेसे मार्यो गयो जनवर नी खायो हइ, मरा मुडा मे कभी भी कोइ भी प्रकार से अशुध्द मटन नी गइ हइ". 15 तब ओने बोल्यो, "बहुत अच्छो, तरो निवेदन मेखे मंजुर हइ, मी तोखे इन्सान को मल का बदला गाय को गोबर पर रोटी सेकन की अनुमती देउस हइ." 16 फिर प्रभु ने मरा से यो भी बोल्यो, हे इन्सान का बच्चा, मी यरुशलेम को खानु पानी बंद करन आलो हइ, दुनीया रोज को खानो डरी डरी खे खाये. अरु रोज को पाणी खे उदास हुइ खे पिये. 17 क्योकी खानु अरु पाणी थोडो हुये. वे एक दुसरा खे देखीखे डरी जाये अरु अपने पाप का कारन नाश हुइ जाये.
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Ezequiel 4
येअरुशलेम की घेराबंदी कर्यो जान को चिन्ह
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