प्रभु की महिमा मंदिर से निकली जानो
1 येका बाद मे ने देख्यो की करुबहोन के माथा का उपर जो आकाश-मण्डल हइ, ओमे मेखे नीलमणि को सिंहासन जसो कुछ दिख्यो. 2 जो इन्सान मलमल का कपडा पेन्यो हुयो थो, ओकासे यहोवा ने बोल्यो, "कुरुबहोन का चक्काहोन का बिच मे जा, अरु अपने हथेलिहोन खे कुरुबहोन का बिच जा अरु जलता कोलस्या के उठय ले अरु उनखे शहर का उपर फेकी दे." अरु जसो की मेने देख्यो, उ अंदर चली गयो. 3 जब उ इन्सान अंदर गयो, तब करुब भवन का दक्षिण दिशा का तरप खडा था, अरु अंदर को अंगन बद्दल से भरी गयो थो. 4 तब यहोवा को तेज करुबहोन का उपर से उठीके भवन कि डेवढी पर अय गो; अरु भवन बद्दल से भरी गो अरु उ यहोवा का तेज का चमक से भर्यो थो. 5 करुबहोन का पंखहोन को आवाज बाहेर को अंगन तक असो सुनइ दि रो थो, जसो सर्वशक्तिमान परमेश्वर का बोलन को आवाज थो. 6 जब यहोवा ने मलमल का कपडा पेन्या हुयो इन्सान खे आज्ञा दी, "करुबहोन खे नीच्चे चक्काहोन का बिच से अंगार लेन कि," ते उ इन्सान गयो अरु एक का पास मे खडो हुइ गयो. 7 तब करुबहोन का बीच से एक करुब ने अपनो हाथ बडयके वा अंगार मे से जो करुबहोन का बीच मे थी अरु ओमे से जरासी अंगार लीखे मलमल का कपडा पेन्या इन्सान का हाथहोन मे रखी दियो, जो ओखे लिखे बाहेर चली गयो. 8 करुबहोन का पंखहोन का नीच्चे इन्सान का हाथ जसो कुछ दिखय देतो थो. 9 मेने देख्यो करुबहोन का बाजु मे चार चक्का हर एक करुब का पास मे चार चक्का हर एक कुरुब का पास मे एक चक्काहोन को रुप फिरोजा का जसा चमकीरा था. 10 वे चारी चक्काहोन की आकृति एक जसी थी, मानो वे एक दुसरा मे समाया हुया हइ. 11 जब वे आगे बडता था, ते वे चारी दिशाहोन मे से वा दिशा मे से वह बिना फिरे जाता था, जिधर करुबहोन को मुडो होतो थो; जब करुब चलता था, ते चक्काहोन बिना इधर-उधर मुडता उय दिशा मे जाता था. करुब बिना इधर-उधर मुडे उय दिशा मे जाता थो, जिधर उनको मुडो होतो थो. 12 उनको पिच्छो, उनको हाथ अरु उनका पंख सहित उनको पुरो शरीर पुरी तरह आखहोन से भर्यो हुयो थो, अरु वसो ही उनका चारी चक्काहोन आख हि आख से भर्या हुया था. 13 मेने सुन्यो कि वे चक्काहोन को "घुमनआला चक्काहोन" बोल्यो गयो. 14 हर एक करुब का चार-चार मुडा था: एक मुडो करुब जसो, दुसरो इन्सान का जसो, तिसरो बाघ का जसो अरु चौथो मुडो गरुड जसो थो. 15 तब करुब उपर उठ्या, ये वेही जिन्दो जनवर थो, जेखे मेने कबार नद्दी का किनारा मे देख्या था. 16 जब करुब चल था, उनका बाजु का चक्का भी चलता था; अरु जब करुब जमिन से उपर उठ का लिये अपना पंख फैलाता था, तब चक्काहोन उनको सात नी छोडता था. 17 जब वे खडा होता था तब चक्काहोन भी खडा होता था; अरु जब वे उठता तब ये भी उनका संग उठता था, क्योकी जीवधारीहोन की आत्मा उनमे रेती थी. 18 तब यहोवा को तेज मंदिर डेवढी का उपर से चली गयो अरु करुबहोन का उपर अइखे रुकी गो. 19 तब करुब अपना पंख उठइ खे मरा देखते देखते पृथ्वी पर से उठी खे निकली गया, अरु जब वे गया, ते वे चक्का भी उनका साथ गया, वे यहोवा का भवन का पुर्व दरवाजा का फाटक मे खडा हुइ गया; अरु इस्राएल को परमेश्वर को तेज उनका उपर थो. 20 वे वेही जिन्दा प्राणी था, जिन्खे मेने कबार नद्दी का पास इस्राएल को परमेश्वर का नीच्चे दिख्या था, अरु मी समझी गो की वे करुब था. 21 हर एक का चार मुडा अरु चार पंख था अरु उनका पंखहोन का निच्चे इन्सान का हाथ जसो कुछ दिखतो थो. 22 उनको मुडो ओसो ही थो, जसो मेने कबार नद्दी का पास देख्या था. हर एक आगे सिधो ही चलता था.