1 प्रभु को यो वचन मरा पास आयो: 2 "हे इन्सान का बच्चा, तू सोर नगर-राज्य को शासक से यो बोल: प्रभु यो बोलस हइ."
तरो दिल अंहकार से भर्यो हइ.
तु बोलस हइ मी इश्वर हइ,
अरु समुदंर का बिच मे देवताहोन का दरबार मे उच्चीजगह पर बठस हइ. तु इश्वर नी, बल्कि फक्त इन्सान आय. तु अपना आप खे इश्वर का जसो बुध्दिमान समझस हइ. 3 तु दानिएल से जादा बुध्दिमान तो हइ; कोइ भेद तरा से छुप्यो नी हुये; 4 तोने अपनी बुध्दि अरु समज का द्वारा धन प्राप्त कर्यो, अरु अपना भण्डारो मे सोन्नो-चांदी रखी हइ; 5 तोने बडी बुध्दि से लेन देन कर्यो जेकासे तरो धन बड्यो, अरु धन का कारण तरो मन घमंड से फुली उठ्यो हइ. 6 यो कारण प्रभु यहोवा यो बोलस हइ; तु जो खुद खे प्रभु का समान बुध्दिमान समजस हइ; 7 येकालिये देख, मी तरा पर असा परदेशीहोन से चढाइ करायु, जो सब राष्टहोन से निर्दयी हइ. वे अपनी तलवार तरी बुध्दि की शोभा पर चलाये अरु तरी चमक-दमक खे बिगाड्ये. 8 वे तोखे मौत को गड्डा मे फेकी दिये; वे तलवार से तरो खुन कर्ये, अरु तरी लास समुद्र का बिच पड्यो हुये. 9 तब, का तू खुद को खुन करनवाला का सामने बोलतो र्हिये, मी परमेश्वर आय? अपना घायल करन वाला का हाथ मे परमेश्वर नी इन्सान ही ठहर्ये. 10 "तु परदेशीहोन का हाथ से खतनाहीन दुनीयाहोन का जसो हुइ जाये; क्योकि मी ने ही असो बोल्यो हइ, प्रभु यहोवा की या वाणी हइ."
11 फिर यहोवा को यो वचन मरा पास आयो: 12 "हे इन्सान का बच्चा, सोर को राजा का विषय मे दु:ख को गानो बनइखे ओकासे बोल; प्रभु यहोवा यो बोलस हइ: तु तो अच्छा से अच्छो हइ; तु बुध्दि से भरपुर अरु सबसे सुंदर हइ. 13 तु परमेश्वर कि अदन नामकी बाडी मे थो, तरा पास गहना, माणिक, पद्यराग, हिरो, फिरोजा, सुलैमानी मणि, यशब, नीलमणी, मरकद, अरु लाल सब प्रकार की मणि अरु सोन्ना को पेनावो थो, तरी डफली अरु बासरी तरा हि मे बनय गइ थी,जो दिन तरो जन्म हुयो उ दिन वे तयार करि गइ. 14 मेने तरी रक्षा का लिये एक उजालो जसो करुब दुत खे रख्यो हइ. तु परमेश्वर का पवित्र पहाड पर र्हेतो थो. तु अंगार का जसो चमकनवालो मणिहोन का बिच मे घूमतो फिरतो थो. 15 तोके बनायो उ दिन से तरा मे पाप दिखय दियो तब तक तरो चालचलन निर्दोष थो. 16 जब तरो व्यापार बड्यो, तब तरा मे अंहकार भरी गयो, अरु तु पाप करन लग्यो. मेने तोखे अपवित्र जानीखे परमेश्वर का पहाड पर से उतार्यो, अरु हे रक्षाकरन आलो करुब मे ने तोखे अंगार जसो चमकनवालो मणि का बिच से खतम करि दियो हइ. 17 सुंदरता का कारन तरो मन घमंड से भरी गयो थो; तोने अपना वैभव का कारन अपनी बुदधी भष्ट करी ली थी. मने तोखे फिर भुमी पर पटकी दियो हइ ; अरु राजाहोन का सामने तोखे रख्यो हइ ताकी वे तोखे देख्ये. 18 धोका-धडी अरु न्यायीपन का कामहोन की बहुतायत तरा लेन-देन के कुटिलता का कारन से तरा पवित्र जगा खे अपवित्र करि दियो.अरु मने तरा बिच मे विद्रोह की अंगार भडकय दि हइ,जेकासे तु वा अंगार मे जली गयो हइ. तरा सब दर्शकहोन का सामने तोखे राख करि दियो हइ. 19 देश-देश का दुनीयाहोन मे जेत्ता तोखे जानस हइ सब तरा कारण चकित हुया; तू डर का कारण हुयो हइ अरु फिर कभी पायो नी जानको."
20 यहोवा को यो वचन मरा पास आयो: 21 "हे इन्सान का बच्चा, अपनो मुंडो सीदोन का तरफ करीखे ओका विरुध्द भविष्यवाणी कर," 22 अरु शब्द, प्रभु यहोवा यो बोलस हइ: हे सीदोन नगर, मी तरा विरुध्द हइ; मी तरा बिच अपनी महिमा करायु. जब मी उनका बिच दण्ड दियु अरु ओमे खुद खे पवित्र ठहरायु, तब दुनीया जानी लिये की मी यहोवा आय. 23 मी ओमे महामारी फैलायु, अरु ओका सडक पर खुन बहायु; अरु ओका चारी तरफ तलवार चलायु; तब ओका बिच घायल दुनीयाहोन गिर्ये, अरु वे जानी लिये कि मी यहोवा आय.
24 इस्राएल का घराना का चारी तरफ की जेत्ती राष्टहोन ओका साथ अभिमान को बर्ताव करस हइ, उन मे से कोइ उनको चुबनालो काटो या घुसनवालो को नोक फिर नी ठहर्ये; तब वे जानी लये कि मी प्रभु यहोवा आय. 25 "परमेश्वर यहोवा यो बोलस हइ: जब मी इस्राएल का कुल खे वे सब दुनीयाहोन मे से जमा कर्यु, जिनका बिच वे तितर-बितर हुया हइ, अरु देश-देश का दुनीयाहोन का सामने उनका द्वारा अपवित्र ठहर्यु, तब वे उ देश मे वास कर्ये जो मेने अपना दास याकुब खे दियो थो. 26 वे ओमे निश्चिंत बस्या र्हिये; वे घर बनइखे अरु अंगुर की बाडी लगइखे निश्चिंत र्हिसये; तब मी उनका चारी तरफ दुनीयाहोन खे दण्ड दियु जो उनका से दुश्मनी को व्यवहार करस हइ, तब वे जानी लिये की उनको परमेश्वर यहोवा ही हइ."