63 हे स्वामी, हमखे याद हइ, की उ भरमानआला ने अपना जीते जी बोल्यो थो, की मी तीन दिन का बाद जिन्दो हुयु. 64 अत: आज्ञा दे की तीसरा दिन तक कब्र की रखवाली करी जाये, असो नी हुये की ओका सेवक होन ओखे चोरी खे ली जाये, अरु दुन्याहोन से बोलन लग्या, की उ मऱ्या हुया मे से जिन्दो उठ्यो हइ, तब अगलो झुठो पैयले से भी बुरो हुये.