26 या रिती से आत्मा भी हमारो दुर्बलता मे सायता करस हइ क्युकी हम नी जानस की प्रार्थना कोइ रीति से करणो चाहिए, पन आत्मा तु ही असो आवाज भर भरी खे जो गवा से बाहेर हइ, हमारा लिये विनती करस हइ. 27 परमेश्वर हमारा आत्मा खे जानस हइ अरु आत्मा को बिचार करस ह ? क्युकी उ पवित्र दुन्या का लिये परमेश्वर की का जसो प्रार्थना करस हइ.
Publicidade