5 कि या पल नीव नरसिंग, पाऊल, वीणा, तारवाळा वाजा, सितार, शहनाई अदिक अन्य सप्पा प्रकार इन वाद्य-यंत्रगोळ्द स्वर केळीर, आग नीव अदा क्षण राजा नबूकदनेस्सर उन द्वारा स्थापित स्वर्ण-मूर्ति इन मुंद बिदकु अदुर्द सम्मान माळेतीर. 6 जो मंळसा मूर्ति इन बिदकु अदुर्द सम्मान माळालुन, आव अदा पल धधकुस्तेला बेक्की इन भट्ठी दा भिटकु आदान."