19 इदुरसाटी जो यावारा इव स्यांळ्द से स्यांळ्द आग्यागोळ दा टु यातोदारा ऊंद आग्या अक मुरूल, अदिक हांग अच लॉकुरी कल्सुल, आव स्वर्ग इन राज्य दा सप्पा मुंदुर से स्याणेव कहलुस्यान; लेकीन जो यावारा आ आग्यागोळ्द पालन माळ्यान अदिक अवरी कलस्यान, आवा स्वर्ग इन राज्य दा महान कहलुस्यान. 20 यतिकी ना नीम से अनतीन, कि अगर नीम न्यायीपन शास्त्रीगोळ अदिक फरीसीगोळ्द न्यायीपन देल धोळ्द ईरतीदील, रा नीव स्वर्ग इन राज्य दा यागलु प्रवेश माळ सकतीदिल.