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कुरिंथियों की पहली पत्री 13

4 यवै, दयै, वह ईरनहीं करता, अपनबड़नहीं करता, और घमनहीं लता। 5 वह अनियवहनहीं करता, अपनभलनहीं हता, ुँझलनहीं, नहीं रखता; 6 वह अधरआनिनहीं ा, परसतआनिै। 7 वह सब ों सहतै, सब ों ि्‍करतै, सब ों आशरखतै, सब ों ें रज धरतै।

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