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कुरिंथियों की पहली पत्री 7

12 ों रभनहीं, बलि ैं कहतूँ : यदि िपत्‍अवि्‍ो, और उसकरहनिसहमत ो, वह उसे; 13 और यदि ि्‍पति अवि्‍ो, और उसकरहनिसहमत ो, वह अपनपति े। 14 ोंि अवि्‍पति अपनपत्‍रण पविठहरतै, और अवि्‍पत्‍अपनपति रण पविठहरतै; अनयथबच्‍अशे, परपविैं।

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