3 परमेश्वर की यही इच्छा है कि तुम पवित्र बनो, अर्थात् व्यभिचार से दूर रहो, 4 और तुममें से प्रत्येक अपने-अपने पात्र को पवित्रता और आदर के साथ संभालना जाने, 5 और उन गैरयहूदियों के समान कामुकता में नहीं, जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं। 6 इस बात में कोई अपने भाई के प्रति अपराध न करे और न उसका अनुचित लाभ उठाए क्योंकि इन सब बातों का बदला लेनेवाला प्रभु है, जैसा कि हमने तुम्हें पहले ही बताया और चिताया भी था। 7 परमेश्वर ने हमें अशुद्धता के लिए नहीं, बल्कि पवित्रता के लिए बुलाया है।
Publicidade
Publicidade