16 उसने छोटे और बड़े, धनी और निर्धन, स्वतंत्र और दास सब के दाहिने हाथ या माथे पर छाप लगवा दी, 17 ताकि जिस व्यक्ति पर उस पशु का नाम या उसके नाम की संख्या की छाप हो, उसको छोड़ कोई भी व्यक्ति कुछ खरीद या बेच न सके।
18 बुद्धिमानी इसी में है : जिस किसी के पास समझ हो वह उस पशु की संख्या को गिन ले, क्योंकि यह मनुष्य की संख्या है, और उसकी संख्या छः सौ छियासठ है।