11 तब यहोवा ने मूसा से कहा, 12 "मैंने इस्राएलियों का कुड़कुड़ाना सुना है; तू उनसे कह कि साँझ के समय तुम मांस खाओगे और भोर को तुम रोटी से तृप्त हो जाओगे। तब तुम यह जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ।"
13 तब ऐसा हुआ कि साँझ को बटेरों ने आकर सारी छावनी को ढक लिया; और भोर को छावनी के चारों ओर ओस की परत छा गई। 14 फिर जब ओस की परत सूख गई तो देखो, जंगल की भूमि पर पाले के कणों के समान छोटे-छोटे छिलके पड़े थे। 15 जब इस्राएलियों ने यह देखा तो वे आपस में कहने लगे, "मन्ना" अर्थात् "यह क्या है?" क्योंकि वे नहीं जानते थे कि यह क्या है। तब मूसा ने उनसे कहा, "यह वही भोजन-वस्तु है जो यहोवा ने तुम्हें खाने के लिए दी है।