35 इसलिए अपने उस विश्वास को त्याग न दो, जिसका प्रतिफल बड़ा है। 36 तुम्हें धीरज धरने की आवश्यकता है ताकि तुम परमेश्वर की इच्छा पूरी करके उसे प्राप्त कर सको जिसकी प्रतिज्ञा की गई थी।
35 इसलिए अपने उस विश्वास को त्याग न दो, जिसका प्रतिफल बड़ा है। 36 तुम्हें धीरज धरने की आवश्यकता है ताकि तुम परमेश्वर की इच्छा पूरी करके उसे प्राप्त कर सको जिसकी प्रतिज्ञा की गई थी।