12 इस कारण पिलातुस ने उसे छोड़ देना चाहा; परंतु यहूदियों ने चिल्लाकर कहा, "यदि तू इसे छोड़ देगा तो तू कैसर का मित्र नहीं। जो अपने आपको राजा बनाता है वह कैसर का विरोध करता है।"
13 ये बातें सुनकर पिलातुस यीशु को बाहर लाया और उस स्थान में न्यायासन पर बैठ गया जिसे इब्रानी में गब्बता अर्थात् चबूतरा कहा जाता है। 14 यह फसह के पर्व की तैयारी का दिन था, और दिन के लगभग बारह बजे थे। तब उसने यहूदियों से कहा, "देखो, तुम्हारा राजा।" 15 इस पर वे चिल्लाए, "ले जा, ले जा! इसे क्रूस पर चढ़ा!" पिलातुस ने उनसे कहा, "क्या मैं तुम्हारे राजा को क्रूस पर चढ़ाऊँ?" मुख्य याजकों ने उत्तर दिया, "कैसर को छोड़ हमारा कोई राजा नहीं।" 16 अतः उसने उसे उनके हाथ सौंप दिया कि वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।
यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना
तब वे यीशु को ले गए;