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मरकुस रचित सुसमाचार 1

कफरनहें बहों वस

29 आरधनलय हर िकलतवह और हन्‍शमऔर िघर गया। 30 वहाँ शमवर ें पड़ी, और उनोंउसकिषय ें उसबता। 31 तब उसनकर उसकपकड़कर उठा; और उसकवर उतर गयतथवह उनककरनलगी।

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