30 वहाँ शमौन की सास ज्वर में पड़ी हुई थी, और उन्होंने तुरंत उसके विषय में उसे बताया। 31 तब उसने पास जाकर उसको हाथ पकड़कर उठाया; और उसका ज्वर उतर गया तथा वह उनकी सेवा करने लगी।
30 वहाँ शमौन की सास ज्वर में पड़ी हुई थी, और उन्होंने तुरंत उसके विषय में उसे बताया। 31 तब उसने पास जाकर उसको हाथ पकड़कर उठाया; और उसका ज्वर उतर गया तथा वह उनकी सेवा करने लगी।