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मरकुस रचित सुसमाचार 3

22 ्‍यरशलआए े, कहते, "उसमें लज़बसमै," और "वह ्‍रध्‍िलतै।"

23 तब उनें कर उनस्‍ांों ें कहनलग:"िसकतै? 24 यदि िें पड़ उस िरहनभव नहीं 25 और यदि िघर ें पड़ उस घर िरहनभव नहीं। 26 उसरकयदि अपनिउठ खड़और उसमें पड़ उसकिरहनभव नहीं, बलि उसकै। 27 िशक्‍िमनघर ें रवकरकउसकनहीं सकतजब तक ि वह पहलउस शक्‍िमनाँे। वह तभउसकघर सकतै।

28 "ैं मससच कहतूँ ि मनों और िंकरतैं, सब षमिे। 29 परपविआतिंकरतै, उससदतक कभषमनहीं िबलि वह अनै।" 30 उसनयह इसलिकहोंि कह रहे, "उसमें अशआतै।"

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