34 "तुम यह न समझो कि मैं पृथ्वी पर मेल-मिलाप कराने आया हूँ; मैं मेल-मिलाप कराने नहीं बल्कि तलवार चलवाने आया हूँ। 35 क्योंकि मैं मनुष्य को उसके पिता के, बेटी को उसकी माँ के और बहू को उसकी सास के विरुद्ध करने आया हूँ। 36 इस प्रकार मनुष्य के शत्रु उसके घर के ही लोग होंगे।
37 "जो अपने पिता या माता को मुझसे अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं; और जो अपने बेटे या बेटी को मुझसे अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं;