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मत्ती रचित सुसमाचार 12

सच्‍परि

46 अभवह ें कर रहि ो, उसकऔर हर खड़और उससकरनहते। 47 तब िकहा, ", और हर खड़ैं और झसकरनहतैं।" 48 इस पर उसनउस कहनकहा,"ा, और ैं ?" 49 और उसनअपनिों ओर अपनबढ़कर कहा,"ो, और ; 50 ोंि वरििइचपर चलतै, वह, बहन और ै।"

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