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मत्ती रचित सुसमाचार 20

एक ाँ िनत

20 तब ज़बों अपनों आई और रणकरकउससाँगनलगी। 21 उससकहा,"हतै?" उसनउससकहा, "वचन ि ें ों , एक िओर और सरओर े।" 22 इस पर कहा,"नहीं नति ाँरहो; कटैं ूँ सकत20:22 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "और जो बपतिस्मा मैं लेने वाला हूँ क्या तुम ले सकते हो" लिखा है।?" उनोंउससकहा, "हम सकतैं।" 23 उसनउनसकहा,"कटओग20:23 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "और जो बपतिस्मा मैं लूँगा तुम भी लोगे" लिखा है।, परें अपनिऔर ओर नहीं; बलि यह उनकििनकिििगयै।"

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