24 कोई तो उदारता से देता है,
फिर भी उसकी बढ़ती होती है;
और कोई तो जितना देना चाहिए उससे कम देता है,
फिर भी उसे घटी ही रहती है।
25 उदार व्यक्ति संपन्न हो जाता है;
और जो दूसरों की खेती सींचता है,
उसकी भी सींची जाएगी।
24 कोई तो उदारता से देता है,
फिर भी उसकी बढ़ती होती है;
और कोई तो जितना देना चाहिए उससे कम देता है,
फिर भी उसे घटी ही रहती है।
25 उदार व्यक्ति संपन्न हो जाता है;
और जो दूसरों की खेती सींचता है,
उसकी भी सींची जाएगी।