25 वह बल और सम्मान से सुसज्जित है,
और हँसकर आने वाले दिन का सामना करती है।
26 उसके मुँह से बुद्धि की बात निकलती है,
और उसकी जीभ पर कृपा की शिक्षा रहती है।
25 वह बल और सम्मान से सुसज्जित है,
और हँसकर आने वाले दिन का सामना करती है।
26 उसके मुँह से बुद्धि की बात निकलती है,
और उसकी जीभ पर कृपा की शिक्षा रहती है।
25 वह शक्ति और सम्मान धारण किए हुए है;
भविष्य की आशा में उसका उल्लास है.
पे
26 उसके मुख से विद्वत्तापूर्ण वचन ही बोले जाते हैं,
उसके वचन कृपा-प्रेरित होते हैं.
त्सादे
25 वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है,
और आनेवाले काल के विषय पर हँसती है31:25 आनेवाले काल के विषय पर हँसती है: अर्थात् वह चिन्तित होकर भविष्य को नहीं देखती परन्तु आत्म-विश्वास के साथ हर्ष से देखती है।।
26 वह बुद्धि की बात बोलती है31:26 वह बुद्धि की बात बोलती है: एक सच्ची पत्नी के मुख से निकलने वाले वचन श्रोताओं के लिए नियम निर्धारक मार्गदर्शन एवं निर्देशन स्वरूप होते हैं।,
और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।
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