पक्षपात का पाप
1 हे मेरे भाइयो, हमारे महिमामय प्रभु यीशु मसीह पर तुम्हारा विश्वास एक दूसरे के प्रति पक्षपात के साथ न हो। 2 क्योंकि यदि तुम्हारे आराधनालय में कोई व्यक्ति सोने की अँगूठी और चमकीला वस्त्र पहने हुए प्रवेश करे, और उसी समय एक कंगाल भी मैले-कुचैले वस्त्र पहने हुए आए, 3 और तुम चमकीले वस्त्र पहने हुए व्यक्ति की ओर दृष्टि करके कहो, "आप यहाँ अच्छे स्थान पर बैठिए," और उस कंगाल से कहो, "तू वहाँ खड़ा रह या मेरे पैर2:3 अक्षरशः पैरों की चौकी के पास बैठ," 4 तो क्या तुमने आपस में भेदभाव नहीं किया और बुरे विचारों वाले न्यायी नहीं हुए?