पक्षपात के विरुद्ध चेतावनी
1 हे मेरे भाइयों, हमारे महिमायुक्त प्रभु2:1 महिमायुक्त प्रभु: वह जो स्वयं महिमायुक्त हैं, और जो महिमा के साथ चलता हैं। यीशु मसीह का विश्वास तुम में पक्षपात के साथ न हो। (अय्यू. 34:19, भज. 24:7-10) 2 क्योंकि यदि एक पुरुष सोने के छल्ले और सुन्दर वस्त्र पहने हुए तुम्हारी सभा में आए और एक कंगाल भी मैले कुचैले कपड़े पहने हुए आए। 3 और तुम उस सुन्दर वस्त्रवाले पर ध्यान केन्द्रित करके कहो, "तू यहाँ अच्छी जगह बैठ," और उस कंगाल से कहो, "तू वहाँ खड़ा रह," या "मेरे पाँवों के पास बैठ।" 4 तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करनेवाले न ठहरे?