9 परन्तु जैसा लिखा है,
"जो आँख ने नहीं देखी2:9 जो आँख ने नहीं देखी: इसका मतलब कोई भी कभी भी पूरी तरह से न महसूस किया और न समझा था उसकी कीमत और सौन्दर्य जो परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए तैयार की हैं।,
और कान ने नहीं सुनी,
और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ी वे ही हैं,
जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिये तैयार की हैं।" (यशा. 64:4)
10 परन्तु परमेश्वर ने उनको अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, वरन् परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जाँचता है।