19 और मैं उनका हृदय एक कर दूँगा11:19 हृदय एक कर दूँगा: जब तक इस्राएली अन्य देवताओं की सेवा में लिप्त रहेंगे तब तक ऐसी एकता असंभव थी परन्तु अब जब उन्होंने अपनी देश से घृणित वस्तुएँ हटा दीं तब वे एकमात्र सच्चे परमेश्वर की उपासना में एक मन होंगे।; और उनके भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूँगा, और उनकी देह में से पत्थर का सा हृदय निकालकर उन्हें माँस का हृदय दूँगा, (यहे. 36:26) 20 जिससे वे मेरी विधियों पर नित चला करें और मेरे नियमों को मानें; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, और मैं उनका परमेश्वर ठहरूँगा।