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यिर्मयाह 45

िपरमवर सन

1 ियहयहवरें, जब ििमयभवियदवकभवियदवचन नकर तक ें िा, 2 तब उसनउससयह वचन कहा: "इसएल परमवर यहा, यह कहतै, 3 , कहा, पर! ोंि यहुःपर ुःिै; ैं करहते-करहतथक गय45:3 ैं करहते-करहतथक गया: यहिरण बहु:और परमवर उसकआनकठदणरगट करकउसकुःऔर बढ़ा िा। और नहीं िलता।’ 4 इस रककह, यहयह कहतै: , इस िैंबना, उसैं आप ूँा, और िनकैंा, उनें वयउखेंूँा। 5 इसलि, अपनिबड़ारहै? उसमत ; ोंि यहयह ै, ि ैं मनों पर िपति ूँा; परनजहाँ कहीं एगवहाँ ैं बचकर िरखूँा।"

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