21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ: या मैं उस बात को स्मरण करके आशा लगाए हूँ। यह स्मरण करके कि परमेश्वर टूटे मन की प्रार्थना सुनता है, वह आशा बाँधता है।, इसलिए मुझे आशा है:
22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
24 मेरे मन ने कहा, "यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उसमें आशा रखूँगा।"
25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रखकर चुपचाप रहना भला है।