9 और या’बीज़ अपने भाइयों से मु’अज़िज़ था और उसकी माँ ने उसका नाम या’बीज़ रक्खा क्यूँकि कहती थी, की "मैंने ग़म के साथ उसे जनम दिया है।" 10 और या’बीज़ ने इस्राईल के ख़ुदा से यह दुआ की, "आह, तू मुझे वाक़’ई बरकत दे, और मेरी हुदूद को बढ़ाए, और तेरा हाथ मुझ पर हो और तू मुझे बदी से बचाए ताकि वह मेरे ग़म का ज़रि’अ न हो!" और जो उसने माँगा ख़ुदा ने उसको बख़्शा।