Pular para o conteúdo
Publicidade

1 समुएल 17

45 और ऊद उस ़ििकहि "तलवऔर बरछिआतै, िैं रबउल अफइसईल लशकरों ़ुै, िसके’इज़्आतूँ। 46 और आज ि़ुवनझकें कर ा, और ैं झककर सर पर उतूँऔर ैं आज ि़िििों लशकर ें हवपरिंों और गलनवरों ूँि िि इसईल ें एक ़ुै। 47 और यह जमा’अत ि ़ुवनतलवऔर ि' नहीं बचइसलिि ़ुवनै, और वहमकहमें कर ा।"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também