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Deuteronômio 11

1 "इसलि़ुवनअपऩुहबबत रखना, और उसकशरी’अत और आईन और अहकऔर रमों पर सद'अमल करना। 2 और आज ि़ूसमझ ो, ूँि ैं बचों कलनहीं कर रहूँ, िनका’और उनोंि ़ुवऩुतम, और उसक'अजमत, और तवर और बलऩू ; 3 और 11:3 मुल्क — ए — मिस्रििदश़िर’औन और उसकों िऔर करि4 और उसनिलशकर और उनक़ों और रथों िा, और उसनबहर ु़लजु़ें उनकिजब वह कर रहे, और ़ुवनउनकहलिि आज ितक वह ैं; 5 और इस जगह पहुँचनतक उसनें मसिा; 6 और तन और अबइलिििे, बनि सब इसईलिों मनअपनुँपसकर उनकऔर उनकघरों और ़ेऔर हर आदमउनकिगल िा; 7 ि़ुवनइन सब बड़े बड़े ों मनअपनों ै।

कम ननबरकतें

8 "इसलिइन सब ों आज ैं मकूँ नना, ि मजकर उस ें िपर ़ा करनिरहो, पहुँऔर उस पर ़ा कर ो। 9 और उस ें उमदरिसमें और शहद बहतै, और िऔर उनकऔलसम ़ुवनउनसी। 10 ूँि िपर ़ा करनरहवह ितरह नहीं ै, जहाँ िकल आए वहाँ कर उससब़ी तरह ाँिाँ बनकर ींचता। 11 ििपर ़ा करनिवह पह़ों और िों ै, और िकरतै। 12 उस पर ़ुवऩुतवजरहतै, और ू' आख़ितक ़ुवऩुें उस पर लगरहतैं। 13 'और अगर 11:13 खुदा के अहकामों आज ैं मकूँ िलगकर ो, और ़ुवनअपऩुहबबत रखो, और अपनिऔर अपनउसकबनदगकरो, 14 ैं ें सहवक़्पर पहलऔर िछलेंबरसा, ि अपनऔर मय और जमा' कर सके। 15 और ैं ों िें करूँा, और और ा। 16 इसलिबरदरहनकहीं ऐसि िऔर बहक कर और ा’ों इबदत और परसिकरनलगो। 17 और ़ुवनपर भडऔर वह आसमबनकर ि ेंबरसे, और ें ो, और इस अच़ुवनमकजल18 इसलिइन ों अपनिऔर अपनें महफू़रखनऔर िपर इनकअपनों पर ाँधना, और वह पर ों तरह ों। 19 और इनकअपनलडों िा, और घर और चलतऔर टतऔर उठतवक़्इन ़ििकरना। 20 और इनकअपनघर खटों पर और अपनटकों पर िकरना, 21 ि जब तक पर आसमै, और औलउमउस ें दरो, िसक़ुवनसम उनसी। 22 ूँि अगर उन सब ों ैं मकूँ, और उन पर 'अमल करो, और ़ुवनअपऩुहबबत रखो, और उसकसब ों पर चलो, और उससिपटरहो; 23 ़ुवनइन सब ़ौों आगिा, और उन ़ौों पर मसबड़ी और तवर ैं ़ािे। 24 जहाँ जहाँ ाँतलविवह जगह एगी, ा’और बनऔर दरिपशिसमनदर तक सरहद ी। 25 और शख़्वहाँ ़ाबलकर सका, ूँि ़ुवऩुऔर ़ौउस तमजहाँ कहीं दम पड़े कर उसनमसकहै। 26 "ो, ैं आज िआगबरकत और ा’नत ों रखूँ 27 बरकत उस ें जब ़ुवनअपऩुों आज ैं मकूँ ो; 28 और ा’नत उस वक़्जब ़ुवनअपऩुरमाँबरदकरो, और उस िसकें ैं आज मकूँ कर और ा’ों रवकरो, िनसअब तक ़िनहीं। 29 और जब ़ुवऩुझकउस ें िपर ़ा करनरहपहुँे, गरि़ीपर बरकत और 'ऐबपर ा’नत ा। 30 वह ों पहयरदन पशितरफउन कना’िों ें े' ैं िलजमनबलों ें रहतैं। 31 और 11:31 यरदन नदीयरदन इसिो, ि उस पर ़ुवऩुमक़ा करो, और उस पर ़ा करऔर उसें बसे। 32 इसलिएहतिकर उन सब आईन और अहकपर 'अमल करनिनकैं आज मनकरतूँ।

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