21 मुझ से कहो तो, तुम जो शरी’अत के मातहत होना चाहते हो, क्या शरी’अत की बात को नहीं सुनते 22 ये कलाम में लिखा है कि अब्रहाम के दो बेटे थे; एक लौंडी से और एक आज़ाद से। 23 मगर लौंडी का जिस्मानी तौर पर, और आज़ाद का बेटा वा’दे के वजह से पैदा हुआ।
24 इन बातों में मिसाल पाई जाती है: इसलिए ये 'औरतें गोया दो; अहद हैं। एक कोह-ए-सीना पर का जिस से ग़ुलाम ही पैदा होते हैं, वो हाजरा है। 25 और हाजरा 'अरब का कोह-ए-सीना है, और मौजूदा येरूशलेम उसका जवाब है, क्यूँकि वो अपने लड़कों समेत ग़ुलामी में है।
26 मगर 'आलम — ए — बाला का येरूशलेम आज़ाद है, और वही हमारी माँ है।