Pular para o conteúdo
Publicidade

Êxodo 23

अऊर िपकषत

1 23:1 निर्गमन २०:१६; लैव्यव्यवस्था १९:११,१२ "मत ो। अऊर गवअनों मत ो। 2 करन बहों मत पडो; अऊर उनिकददमिगवो; 3 23:3 लैव्यव्यवस्था १९:१५अऊर गरकददमओकपकमत ो।

4 "ियदि मन बईल ां गधभटकतिें, ओख ओकजवर जरपस आजो। 5 23:5 व्यवस्थाविवरन २२:१-४ियदि तय अपनमन गधदबो, तब जरिमदत कर ओख ़ाकरजो।

6 23:6 व्यवस्थाविवरन ६:१९ "ों गरहय ओककददममत ि7 कददमरहजो, अऊर िअऊर सचमत करजो, कहि मय िनहीं ठहरं, 8 तय नहीं ो, कहि आदमसच अनकर वय अऊर सचिवय हय

9 23:9 निर्गमन २२:२१; लैव्यव्यवस्था १९:३३,३४ "परदपर मत करजो; परदमन नय हय, कहि िपरदो।

तवों अऊर तवों ि

10 23:10 लैव्यव्यवस्था २५:३ "छय तक अपनजमअऊर ओकफसल जमकरजो; 11 23:11 लैव्यव्यवस्था २५:१-७पर तवों ओख रहन अऊर वसो, गरअऊर उनबच ेंगलजनवर आये। अपनअऊर ़ी असकरजो। 12 23:12 लैव्यव्यवस्था २३:३; व्यवस्थाविवरन ५:१३,१४छय ितक अपनकरजो, अऊर तवों िआरकरजि बईल अऊर गधें, अऊर िअऊर परदआरिसकें13 मय कहहय ओकलन करजो; अऊर अनवतों चरमत करजो, बलि हरुंनहीं े।

14 "हर नजो। 15 23:15 लैव्यव्यवस्था २३:६-८; गिनती २८:१७-२५पहिपविअखममनयजो; ओकआजअनअबमहियत समय पर ितक अखमकरनो, कहि ओकमहििकल आयो। अपनुंनहीं िे। 16 23:16 लैव्यव्यवस्था २३:१५-२१,३९-४३; गिनती २८:२६-३१जब पहिफसल ा, तब कटनमनयजो। आखरजब तय हनत फसल जमकर लगयजो, तब जमकरन मनयजो। 17 हर ों सब रभपरमवर अपनुंिे।

18 "जनवर बलि23:18 कुछ हस्त लेखों म चर्बी लिख्यो गयो हय खमनहीं चढ़ाो, अऊर नहीं उततम बलितक रहन ो। 19 23:19 व्यवस्थाविवरन १४:२१; २६:२; निर्गमन ३४:२६अपनजमपहिफसल पहििअपनपरमवर यहभवन आजो। बचओकनहीं पको।

अऊर वन

20 ", मय एक आगआगूं रसरककरें, अऊर मय करयहय उत पहुंें21 ओकआगवधरहजो, अऊर ओकनजो, ओकिमत करजो, कहि अपरनहीं करें; ि ओकहय22 यदि तय सचमआजेंअऊर मय कहूं करय, मय मनों मन अऊर िों बनूं। 23 जब आगचल एमी, िी, परिी, कनी, िी, अऊर यबों यहां पहुंें, अऊर मय उनसतकर ूं। 24 उनवतों दणडवत मत करजो, अऊर नहीं उनआरधनकरजो, अऊर नहीं उनकरजो, बलउन िों ि सतकर लजो, अऊर उन ों खमकड़ा कड़ा कर ो। 25 तय अपनपरमवर यहआरधनकरजो, तब जन अऊर पर आशें, अऊर करें26 नहीं गरिेंअऊर नहीं ांरहें; अऊर उमर िमय करूं। 27 ितनों तय उन सब मन मय अपनडर पहिअससमि उनपरकर ं, अऊर मय सब मन पस िवश कर ं। 28 अऊर मय पहिदनल ूं िी, कनी, अऊर िों आगभगकर ें29 मय उनआगएकच नहीं िूं, असनहीं ि उजे, अऊर गलजनवर बढि करें30 जब तक तय बढपर अपनअधिनहीं कर तब तक मय उनआग़ो ़ो कर िलतरहूं। 31 मय समदर पलििों समदर तक अऊर गल फरनदतक वश कर ं; मय ििों वश कर ं, अऊर तय उनअपनजवर िें32 तय नहीं उनधजअऊर नहीं उनवतों ी। 33 ि नहीं रहने, असनहीं ि ि िकरें; यदि तय उनवतों आरधनकरफनबनें"

Veja também