31 मय तोरी सीमा लाल समुन्दर सी ले क पलिश्तियों को समुन्दर तक अऊर जंगल सी ले क फरात नदी तक को देश ख तोरो वश म कर देऊं; मय ऊ देश को निवासियों ख भी तोरो वश म कर देऊं, अऊर तय उन्ख अपनो जवर सी निकाल देयेंन। 32 तय नहीं त उन्को सी वाचा बान्धजो अऊर नहीं उन्को देवतावों सी।