12 कहालीकि कुछ नपुसक असो हंय, जो अपनी माय को गर्भ सी असो पैदा भयो; अऊर कुछ नपुसक असो हंय, जिन्ख आदमी न नपुसक बनायो; अऊर कुछ नपुसक असो भी हंय, जिन्न स्वर्ग को राज्य लायी अपनो आप ख नपुसक बनायो हय। जो येख स्वीकार कर सकय हय, ऊ स्वीकार करे।"
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12 कहालीकि कुछ नपुसक असो हंय, जो अपनी माय को गर्भ सी असो पैदा भयो; अऊर कुछ नपुसक असो हंय, जिन्ख आदमी न नपुसक बनायो; अऊर कुछ नपुसक असो भी हंय, जिन्न स्वर्ग को राज्य लायी अपनो आप ख नपुसक बनायो हय। जो येख स्वीकार कर सकय हय, ऊ स्वीकार करे।"
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