32 सास्र को जो भाग ख उ पढ़त रहा उ हतो:
"ओखा बली चढ़न वाली भेड़ को जसो ले जायो गयो।
उ तो उ पिल्ला को समान चुप था।
जो ऊन करन कि बखत चुप-चाप रहवा हैं,
ठीक वसो ही ओ ना अपनो मुंडो नी खोल्यो!
33 ओको सिधो स्वभाव म ओको संग न्याय नी हो पायो।
ओको बखत का अदमी हुन को बारे म कऊन बता सका हैं?
काहेकि ओ कि जिन्दगी खतम कर दी हैं।
काहेकि दुनिया से ओको प्रान उठा लियो हैं।"
34 "ये पर खोजे न्याय अधिकारी न फिलिप्पुस से पुछो, मी तोसे प्रार्थना करू हैं, यू बता कि भविस्यवक्ता यू कोन को बारे म बोला हैं, अपनो बारे म या कोई दुसरो बारे म?" 35 फिर फिलिप्पुस न कहेनो सुरू करयो अर यू सास्र से लेका यीसु को सुसमाचार लक सब ओखा बता दियो।