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Resultados da busca por "amor"

23 resultados encontrados

  1. 1 João 3

    Mehra Bible
    Capítulo 3
    Mostrando versículos 1–14 de 24

    1देख, बाप हम से कसो प्रेम कियो हैं कि हम परमेस्वर कि वारिस कहलावा हैं; अर हम हैं भी। ऐको लाने दुनिया हम ख नी जानह हैं, काहेकि ओ न ओ ख भी नी जानो।

    11काहे कि जो समाचार तुम न सुरू से सुन्यो, उ यू हैं कि हम एक दूसरा से प्रेम रख;

    14हम जान हैं कि हम मऊत से पार हो ख जिन्दगी म पहुँचा हैं; काहेकि हम भई हुन से प्रेम रखह हैं। जे प्रेम नी रख हैं उ मऊत कि स्थति म रवह हैं।

  2. Efésios 4

    Mehra Bible
    Capítulo 4
    Mostrando versículos 2–16 de 32

    2तुम पुरो तरीका से विनम्र, सैयम अर सहनसील बने, प्रेम से एक दुसरा ख सैय लेव

    15हम प्रेम पुरक सही म चलते रैय, अऊर मसी म सब प्रकार की बढ़ोत्तरी करते जाय। मसी ही कलेसीया को सिर आय,

    16अऊर जो से पुरो सरीर ख ताकत मिला हैं। तब सरीर अपनी हर एक जोड़ की मदत से एक संग मील ख अर एक संग गाँठ ख सभी जोड़ हुन कि मदत से अपनो सुधार होनो तक पहुँचा अऊर प्रेम से अपनो काम करा हैं।

  3. Cânticos 5

    Mehra Bible
    Capítulo 5
    Mostrando versículos 8–16 de 16

    8हे यरूसलेम की पोरी हुन, मी तुम ख कसम धरा ख कहूँ,अदि मोरो प्रेमी तुम ख मिल जाय,ते ओ से कैय देनू कि मी प्रेम म पड़ी हूँ।सहेली हुन

    9ओ बाई हुन म सबसे सुन्दरी अऊर तोरो प्रेमी का बाकी हुन से अगल है। की तू हम ख, काहे असी कसम देवा है?दुलन

    16ओकी आवाज बेजा ही मधुर है,हाँ ऊ बेजा सुन्दर है।ओ यरूसलेम की पोरी हुन,यू मोरो प्रेमी अऊर यू मोरो दोस्त आय।

Léxico (correspondência exata) Semântico (correspondência relacionada) Versículos omitidos Contexto do capítulo