4 हे यरूसलेम की पोरी हुन, मी तुम ख कसम देऊं है, कि तू मोरी प्रेम ख नी जगानो जब लक वह खुद न उठनो चाहे।
4 हे यरूसलेम की पोरी हुन, मी तुम ख कसम देऊं है, कि तू मोरी प्रेम ख नी जगानो जब लक वह खुद न उठनो चाहे।