7 पानी की पूर से भी प्रेम नी बुझ सका,
अऊर न महानदी हुन से डूब सका है।
"अदि कोई अपनो घर की पुरी दोऊलत प्रेम को बदला दे दे
तेभी वा बेजा फालतू ठहरेगो।"
7 पानी की पूर से भी प्रेम नी बुझ सका,
अऊर न महानदी हुन से डूब सका है।
"अदि कोई अपनो घर की पुरी दोऊलत प्रेम को बदला दे दे
तेभी वा बेजा फालतू ठहरेगो।"