भरोसा नी करनो पर धितकार
20 तब यीसु वी सहर हुन ख धितकारन लग गयो जिनमा ओ ना सामर्थ्य ख ढ़ेर सारा काम करिया रहा, पर वहा का रहन वाला न यी सामर्थ्य को काम देख ख भी मन नी फिरायो करयो रहा। 21 यीसु न कहयो, धितकार तोखा, खुराजीन! धितकार तोखा बैतसैदा! जो सामर्थ्य को काम तोमा करिया गया रहा हैं, अदि वी सूर अर सैदा म किया जाता, ते बोरा टाट ओढ़ ख, अर राँक म बैठ ख वी कब का मन फिरा लेता। 22 एकोलाने मी तुम से कहूँ हैं कि, न्याय को दिन तोरी दसा से सूर अर सदोम कि दसा कही जादा सहन करन को लायक होए। 23 अरे, कफरनहूम, का तू स्वर्ग लक ऊँचो करो जाएगो? तू ते अधोलोक लक नीचे गिरा दियो जाहे; काहेकि जे सामर्थ्य को काम जो तोमन काम करया गया रा, अदि वी सदोम म करा जाता, ते उ आज लक बनो रहतो। 24 एकोलाने मी तोसे कहूँ हैं कि न्याय को दिन तोरी दसा से भली सदोम देस कि दसा कई जादा सहन करन को लायक हैं।