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मत्ती 4

पहल

18 जब गलि ििरत रहा। उननभई खयसम, पतरस कहलैं, अर ओकभई अनिलत रहि ़िमर हता। 19 ओसकहयो, "चलआव, अदमपकडबनँ।" 20 रत अपनओकचलगया।

21 वहआगबढ, पर अऊर भई जबदिअर ओकभई हनअपनजबदअपनरतरहा। उनको। 22 रत अर अपनओकचल िा।

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