सेवट्याआ दिही
1 पोन ओं ओर मिक के आखरीइ दिहोमेहें कठीण वेल आवनारी होय. 2 काहाके माहें उपकार ने जांअनारे इजऱ्ये, लालसी, बोड़ाय कोअनारे, वोडाय कोअनारे, निंदा कोअनारे, आयहीन आब्हाअ गोठी ने माननारे, मदत ने कोअनारे, विणधर्मी, 3 दया ने कोअनारे, माफ ने कोअनारे, साड़ग्ये, मोनोपोअ ताबू ने मिकनारे, हाजाहा पसन ने कोअनारे, 4 विश्वास तोड़नारे, ठोहजात रोनारे, वोडाय कोअनारे, देवोअ मेर नाहां पोन दुन्यादारीइ मेर होदनारे. 5 तें भक्तीइ वेहे तोअनारे, पोन देवोअ सेक्तीही ने माननारे; एहेला माअहोंअ रोत सेटे रोवा.